सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू हो रही है। इसमें 10वीं की परीक्षा 21 मार्च तक चलेगी। जबकि पांच अप्रैल तक 12वीं की परीक्षा चलेगी। बोर्ड ने दोनों कक्षाओं में परीक्षार्थियों को परीक्षा के बीच में पर्याप्त समय दिया है। इससे छात्र- छात्राओं को परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी। सबसे पहले सामान्य विषयों की परीक्षा शुरू होगी। 20 फरवरी के बाद मुख्य विषयों की परीक्षा शुरू होगी। छात्र-छात्राएं सीबीएसई की वेबसाइट पर परीक्षा कार्यक्रम देख सकते हैं।
10वीं में परीक्षा इन तिथियों पर परीक्षा
27 फरवरी को अंग्रेजी, चार मार्च को विज्ञान, छह मार्च को गृह विज्ञान, 11 मार्च को संस्कृत, 13 मार्च को आइटी और कंप्यूटर, 15 मार्च को सामाजिक विज्ञान, 17 मार्च को हिंदी और 21 मार्च को गणित का पेपर होगा।
12वीं में मुख्य विषयों की परीक्षा की डेट:
20 फरवरी को हिंदी, 24 फरवरी को अंग्रेजी, 28 फरवरी को रसायन विज्ञान, दो मार्च को भूगोल, छह मार्च को भौतिक विज्ञान, 11 मार्च को गणित, 13 मार्च को शारीरिक शिक्षा, 16 मार्च को जीवविज्ञान, 17 मार्च को अर्थशास्त्र, 20 मार्च को राजनीति विज्ञान, 21 मार्च को इनफार्मेशन टेक्नोलाजी, 23 मार्च को आइपी और कंप्यूटर साइंस, 25 मार्च बिजनेस् स्टडीज, 29 मार्च को इतिहास, 31 मार्च को एकाउंटेंसी, एक अप्रैल को गृह विज्ञान, तीन अप्रैल को समाज शास्त्र, चार अप्रैल को संस्कृत, मास मीडिया और पांच अप्रैल को मनोविज्ञान की परीक्षा होगी।
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता: एक नया आर्थिक युग भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर सहमति बनी, और 24 जुलाई 2025 को इसे औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया। यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है, बल्कि यह वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के दौर में एक रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करता है। इस संपादकीय में हम इस समझौते से भारत को होने वाले लाभ, दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात होने वाले सामानों, और इसके दीर्घकालिक प्रभावों का विश्लेषण करेंगे।भारत को होने वाले लाभभारत-यूके एफटीए भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह समझौता भारत को लाभ प्रदान करता है: निर्यात में वृद्धि: समझौते के तहत, भारत के 99% निर्यात उत्पादों को यूके में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जो भारत के लगभग सभी व्यापार मूल्य को कवर करता है। इससे भारत के श...
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