आज की यूपी की राजनीति में एक नया दृश्य तेजी से उभर रहा है मैदान में नेता हैं, लेकिन मोबाइल की स्क्रीन पर एआइ लड़ रहा है। भाजपा और सपा से जुड़े डिजिटल इकोसिस्टम में एक-दूसरे के नेताओं और नीतियों पर व्यंग्य करने वाले एआइ वीडियो, मीम और शार्ट वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। एआइ के चुनावी अखाड़े में कहीं असली मुद्दे पीछे न छूट जाएं चुनाव अभी दूर है, लेकिन चुनावी रंग गाढ़ा होने लगा है। इस बार फर्क सिर्फ इतना है कि पोस्टर और नारे के साथ एआइ भी चुनावी मैदान में उतर आया है। मोबाइल की स्क्रीन पर नेता वही हैं, चेहरे वही हैं, आवाजें भी पहचानी-सी लगती हैं, लेकिन कहानी कई बार पूरी तरह काल्पनिक होती है। उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच एआइ वीडियो को लेकर चल रही तकरार इसका नया उदाहरण है। एक तरफ दूसरे खेमे के नेता का एआइ वीडियो बनाकर व्यंग्य किया जा रहा है तो दूसरी तरफ जवाब में वैसा ही डिजिटल पलटवार सामने आ रहा है। यानी अब राजनीतिक कटाक्ष बनाने में कैमरा, कलाकार और लंबी तैयारी की जरूरत नहीं एआइ कुछ ही समय में पूरी कहानी को वीडियो में बदल सकता है। इसमें चुनावी राजनीति के लिए बड...
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